कोर्ट ने मामले के दस्तावेजों और साक्षीगणों के बयान का अवलोकन करने के बाद पाया कि हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। किसी भी चश्मदीद गवाह ने मृतक की हत्या की सूचना परिजनों या पुलिस को नहीं दी है। खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा शरद वृद्धि चंद्र मामले में प्रतिपादित फैसले का उद्धरण देते हुए कहा कि पंचशील के पांच सिद्धांत वे सुनहरे सिद्धांत हैं, जिसकी कसौटी पर परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा सकता है।
इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने 40 साल से लंबित अपील में अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए हत्या के आरोप से बरी कर दिया। 42 साल से खुद को निर्दोष साबित करने की लड़ाई लड़ते आए रमसा लोधी 75 बरस के हो चुके हैं। उनके छोटे भाई हल्के लोधी की उम्र 72 बरस हो चुकी है, जबकि दोस्त लाखन सिंह भी 70 पार हैं। अपील के बाद से तीनों लोग जमानत पर चल रहे थे।