अधिवक्ताओं को धमकी पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
याची के अधिवक्ता उदय चंदानी ने कहा कि उन्हें और डिस्ट्रिक कोर्ट के अधिवक्ता को धमकी दी जा रही है। एसपी बुलंदशहर ने उन्हें फोन कर याची को प्रस्तुत करने को कहा। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और सरकारी अधिवक्ता से पूछा कि ये क्या हो रहा है। याची नहीं पहुंच रहा है तो अधिवक्ताओं को धमकी दी जा रही है। कोर्ट ने उसे रिकॉर्ड पर लिया। याची की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पक्ष रखा।
कहा कि प्रतिवादीगण द्वारा सरकारी बैंकों के पैसे लेकर मौज उड़ाई जा रही है। बैंकों का दीवाला निकल रहा है। सही लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय शिकायत करने वालों के खिलाफ पुलिस दबाव बना रही है। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने भी माना कि मामला गंभीर है। इसलिए उसने मामले में अनिल अंबानी, आरबीआई, सेबी सहित बैंकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विजय माल्या से भी बड़ा फ्रॉड
याची की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि विजय माल्या से दस गुना अधिक सीरियस फ्रॉड किया गया है। सेबी ने जांच की और रिलायंस होम फाइनेंस कंपनी को फ्रॉड घोषित किया है। इस पर बैंक व लेनदारों के करोड़ों रुपये का घपला करने का आरोप लगाया गया है। याची का कहना था कि स्थानीय पुलिस सही विवेचना नहीं कर सकती। इसलिए केस सीबीआई को स्थानांतरित किया जाए।
याचिका में ईडी, सीबीआई, आरबीआई, आर्थिक अपराध शाखा, डीजीपी सहित कुल 30 लोगों को पक्षकार बनाया गया है। याची की अर्जी पर एसीजेएम बुलंदशहर के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। याचिका में अनिल अंबानी, राकेश कुमार यादव, विजय किशोर माथुर, सुरिंदर सिंह कोली, टीना अंबानी, अनमोल अंबानी, अंशुल अंबानी व छाया वीरानी सहित दर्जनों लोगों को पक्षकार बनाया गया है।