कोर्ट ने मांग स्वीकार कर ली। उनका यह भी कहना था कि याचिका में चयन सूची को चुनौती नहीं दी गई है। केवल 7 सवालों को लेकर दाखिल आपत्ति तय करने तथा उसे दो अंक देकर चयनित करने का समादेश जारी करने की मांग की गई है। एकल पीठ ने 11 अप्रैल 22 के आदेश में एक पद खाली रखने तथा विशेषज्ञों की सवालों की सत्यता पर राय लेकर रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने जांच कर अपनी रिपोर्ट दी। आयोग ने भी रिपोर्ट तैयार कराई, दो रिपोर्ट पेश की गईं। रिपोर्ट आने के बाद बिना उस पर विचार किए कॉलेज आवंटन पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा एकलपीठ रिकॉर्ड के अनुसार नए सिरे से विचार कर आदेश पारित करे।