शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी पड़ोसी के घर खेलने गई थी। तकरीबन तीन बजे गांव के लोग उसे खून से लथपथ घर लाए। वह बोलने की हालत में नहीं थी। ऐसे में अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। दुष्कर्म कर उसके निजी अंगों को ब्लेड से काटा गया था। घटना में प्रयुक्त ब्लेड खेत में घटना स्थल से बरामद हुई। पुलिस विवेचना में पीड़िता के बयान पर गिरफ्तारी करने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने धारा 324 में तीन वर्ष तथा धारा 354 में दो वर्ष की सजा सुनाई, जिसे अपील में चुनौती दी गई थी। आरोपी ने स्वयं को नाबालिग बताते हुए उदारता बरतने की मांग की। किंतु डाक्टरों की जांच में वह बालिग पाया गया। कोर्ट ने अपराध साबित मानते हुए सजा की पुष्टि कर दी है।