याची के खिलाफ कोतवाली वाराणसी में धारा-376 आइपीसी के तहत एफआइआर दर्ज है। याची अधिवक्ता का कहना था कि विश्वनाथ को झूठा फंसाया गया है। पीडि़ता के पुलिस और कोर्ट में दिए गए बयानों में विरोधाभास है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपित 70 वर्षीय विश्वनाथ पांडेय की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति पर रिहा करने का निर्देश दिया है। याची 20 दिसंबर 2021 से जेल में बंद हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति वीके सिंह ने अधिवक्ता अश्वनी मिश्र को सुनकर दिया है।
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याची के खिलाफ कोतवाली वाराणसी में धारा-376 आईपीसी के तहत एफआइआर दर्ज है। याची अधिवक्ता का कहना था कि विश्वनाथ को झूठा फंसाया गया है। पीडि़ता के पुलिस और कोर्ट में दिए गए बयानों में विरोधाभास है।
याची ने कहा वह हमेशा सहयोग करेगा। कोर्ट जब भी बुलाएगी वो हाजिर होगा। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। कोर्ट ने कहा कि सबूतों व संभावित सजा, सुधारात्मक दंड सिद्धांत व अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार को दृष्टिगत रखते हुए याची जमानत पाने का हकदार है। हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।