प्रयागराज एयरपोर्ट के नाम एक विशेष उपलब्धि दर्ज हो गई है। सिर्फ घरेलू उड़ान संचालित करने वालों प्रदेश के सभी एयरपोर्ट में प्रयागराज प्रदेश का पहला ऐसा एयरपोर्ट हो गया है जहां एयरोब्रिज की संख्या छह हो गई है। एयरोब्रिज की संख्या में मामले संगमनगरी का एयरपोर्ट वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी आगे है। प्रयागराज से चार गुना से अधिक फ्लाइट होने के बावजूद वाराणसी में एयरोब्रिज की संख्या सिर्फ चार ही है।
एयरोब्रिज की संख्या के मामले में प्रदेश में अब लखनऊ एयरपोर्ट ही प्रयागराज एयरपोर्ट से आगे है, हालांकि लखनऊ भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यहां कुल एयरोब्रिज की संख्या आठ है।
प्रयागराज एयरपोर्ट निदेशक मुकेश चंद्र उपाध्याय का कहना है कि एयरोब्रिज की संख्या के मामले में प्रयागराज एयरपोर्ट वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, आगरा आगे है। विमान कम होने की वजह से वर्तमान समय यहां छह में से चार एयरोब्रिज का उपयोग हो रहा है। अगर विमान यहां से बढ़ते हैं तो बाकी दोनों एयरोब्रिज भी यात्रियों के उपयोग के लिए खोल दिया जाएगा।
पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज नाम से जाना जाता है एयरोब्रिज
एयरोब्रिज को पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज भी कहा जाता है। इसकी मदद से यात्री बिना सीढ़ी चढ़े सीधे टर्मिनल से विमान के अंदर पहुंच सकते हैं। अमूमन देखा गया है जिस एयरपोर्ट पर एयरोब्रिज की सुविधा नहीं रहती वहां यात्री रनवे पर खड़े विमान तक बस से पहुंचते हैं। फिर सीढ़ी चढ़कर विमान के अंदर दाखिल होते हैं। फिलहाल एयरोब्रिज होने की वजह से यात्रियों की टर्मिनल बिल्डिंग से विमान तक सीधी आवाजाही हो जाती है। साथ ही मौसम की मार से भी यात्रियों को निजात मिलती है। एक तरह से यह चलायमान पुल होता है जो हवाई अड्डे के टर्मिनल को वहां खड़े विमानों से जोड़ता है।