रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एवं ग्रुप कैप्टन समीर गंगाखेड़कर ने बताया कि एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा कर विंग कमांडर ने न सिर्फ देश का नाम ऊंचा किया, बल्कि सरहद की रक्षा करने वाले जवानों का सीना भी चौड़ा कर दिया।
प्रयागराज स्थित वायुसेना के मध्य कमान मुख्यालय में तैनात विंग कमांडर विक्रांत उनियाल ने माउंट एवरेस्ट को फतेह किया है। देश भर में मनाए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव आयोजन के बीच देहरादून निवासी विक्रांत उनियाल ने 21 मई को ही माउंट एवरेस्ट पर जहां एक ओर तिरंगा फहराया तो वहीं दूसरी ओर वायुसेना के ध्वज के साथ उन्होंने वहां राष्ट्रगान भी गाया।
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रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एवं ग्रुप कैप्टन समीर गंगाखेड़कर ने बताया कि एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा कर विंग कमांडर ने न सिर्फ देश का नाम ऊंचा किया, बल्कि सरहद की रक्षा करने वाले जवानों का सीना भी चौड़ा कर दिया। ग्रुप कैप्टन केे अनुसार यह कठिन अभियान 15 अप्रैल 22 को काठमांडू, नेपाल से शुरू हुआ, जिसमें कई देश के लोग शामिल थे। विंग कमांडर विक्रांत उनियाल एक योग्य पर्वतारोही है। पिछले वर्ष ही उनकी प्रयागराज में तैनाती हुई।
वह नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी, सेना पर्वतारोहण संस्थान, सियाचिन और राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान, अरुणाचल प्रदेश से प्रशिक्षित हैं। चढ़ाई में रुचि पैदा करने के लिए, उन्होंने अपने वरिष्ठों, दोस्तों, प्रियजनों के लिए एक स्मारक ई-पोस्टकार्ड तैयार किया और पाठ्यक्त्रस्म निर्धारित करते समय उन्हें नेटवर्क क्षेत्र में ऑनलाइन पोस्ट किया। फिलहाल 21 मई को उन्होंने एवरेस्ट फतेह करने के साथ वहां राष्ट्रीय और वायुसेना का ध्वज फहराया।