मेला प्राधिकरण कार्यालय में भूमि के लिए पहुंची महिला संत।
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हाईकोर्ट के आदेश पर पहली बार महाकुंभ में परी अखाड़े को जमीन आवंटित की गई है, लेकिन सेक्टर-12 में दी गई भूमि पर महिला संतों ने शनिवार को कड़ी नाराजगी जताई। जनसुनवाई के दाैरान मेलाधिकारी के समक्ष ही उन्होंने महिला संतों से भेदभाव का आरोप लगाया। शोर शराबे के बाद परी अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर जागृत चेतना गिरि और गायत्री त्रिवेणी प्रयाग पीठ की पीठाधीश्वर शंकराचार्य सरस्वती महाराज संग मेलाधिकारी विजय किरन आनंद की वार्ता हुई, जिसमें सेक्टर 8-9 में जमीन आवंटित करने पर सहमति बनी।
विदित हो कि महिला संतों की ओर से 2013 में परी अखाड़े का गठन किया गया था। इसके बाद 2014 में इसका पंजीकरण कराया गया। इसके बाद नासिक और हरिद्वार कुंभ में परी अखाड़े को भूमि और सुविधाएं आवंटित की गईं थीं, लेकिन 2019 में प्रयागराज कुंभ के दाैरान परी अखाड़े को भूमि नहीं आवंटित की जा सकी थी। इस संबंध में अखाड़े की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसके बाद न्यायालय ने परी अखाड़ों को भी प्रयागराज महाकुंभ में भूमि आवंटित करने के निर्देश दिए थे।