गर्मी इस बार हर दिन नया रिकार्ड बना रही है। चार साल बाद मई महीने में पारा 48 डिग्री के करीब पहुंच गया। बुधवार को 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रयागराज लगातार तीसरे दिन सूबे का सबसे गर्म जिला बना रहा। दूसरे स्थान पर 47.2 डिग्री के साथ बांदा रहा। सुबह से शाम तक दोनों पहर गर्मी का कहर बना रहा। न्यूनतम पारा घटने और नमी गुम होने से रात में भी तपन बनी रही। केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग ने ऑरेंज अलर्ट के साथ लू की चेतावनी भी जारी की है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक तीन जून तक त्वचा झुलसाने वाली गर्मी सताएगी।
राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों से आ रही गर्म हवाओं की वजह से अधिकतम तापमान हर दिन छलांग लगा रहा है। अधिकतम तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर पहाड़ पर चढ़ने को आतुर रहा, वहीं न्यूनतम तापमान में करीब एक डिग्री कम होकर 26.8 पर टिका। आर्द्रता का स्तर भी लुढ़क रहा है। वातावरण में नमी गुम होने से शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में तपिश बढ़ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने 48 से 72 घंटे तक लू की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक गर्मी का ऐसा कहर पिछले दस साल में चार बार बरपा जब पारा 47 डिग्री के पार गया। इससे पहले 29 मई 2015 को अधिकतम तापमान 47.7 डिग्री रिकार्ड किया गया था। सूखी गर्मी और प्रचंड धूप की वजह से बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा रहा। सड़कों पर कम लोग दिखे। राहगीर छांव तलाशते रहे। धूप से बचने के लिए लोगों ने पेड़ों की छांव में ठौर बनाया।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक इस बार मानसून में देरी के संकेत हैं, ऐसे में सूखी गर्मी ज्यादा सताएगी। पड़ेगी। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस बार मानसून 21 जून के बाद पहुंचने की संभावना है। प्रोफेसर मिश्रा के मुताबिक तापक्रम का बढ़ना अच्छे मानसून का संके त हैं। इस बीच चक्रवाती हवाएं सक्रिय हुईं तो धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। इसके आसार तीन जून के बाद ही दिख रहे हैं। यह भटककर आए बादलों के टिकने पर निर्भर करेगा।
पिछले चार वर्षों में मई का अधिकतम तापमान
2018 में..46.6,
2017 में..46.3
2016 में..46.7
2015 में..47.7
मौसम विभाग हर मौसम में लोगों को सचेत करने के लिए चुनिंदा रंगों का अलर्ट जारी करता है। जैसे ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट। इन अलर्ट के खास मायने हैं। येलो अलर्ट का अर्थ है कि लोग मौसम के बारे में अपडेट रहें या उस पर नजर बनाए रखें। ऑरेंज अलर्ट का अर्थ विषम परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश और रेड अलर्ट का मतलब है हालात खराब हैं और बचाव के सभी जरूरी कदम उठाने की चेतावनी दी जाती है। वहीं ग्रीन यानी हरी पट्टी का अर्थ सब कुछ सामान्य है।
लू की चेतावनी मतलब हीट स्ट्रोक का खतरा
मौसम विभाग लू की चेतावनी जारी कर लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सतर्क करता है। साफ है कि तेज धूप और लू में बाहर निकले लोगों को हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोग धूप और लू से बचाव के इंतजाम कर ही बाहर निकलें।