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बच्ची से बर्बरता : आखिर किस अनहोनी की शिकार हुई चार माह पहले गोद ली गई मासूम, तीन दिन से फ्लैट से थी गायब

Sun, 19 Mar 2023 08:01 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

तीन दिन से रंजना और उनके घर में रहने वाली मासूम दोनों ही नजर नहीं आ रहे थे। वह कहां थे और किन वजहों से फ्लैट से निकले थे, यह जांच का विषय है। चार महीने पहले आई मासूम के बारे में आसपास के लोगों को बस इतना ही पता है कि वह उनके मामा की बेटी थी, जिसे उन्होंने गोद ले लिया है।
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Prayagraj : महिला की पिटाई से बच्ची के शरीर में पड़े दाग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रेस सटाने से जलकर उधड़ी पीठ की चमड़ियां, सूजे हुए गाल और पेट से लेकर सीने तक चोट के नीले निशान देख किसी का भी कलेजा मुंह को आ जाएगा। प्रीतमनगर के सन साइन अपार्टमेंट के बी ब्लॉक स्थित 102 नंबर फ्लैट में चार माह पहले आई मासूम का यह हाल किन वजहों से हुआ। आखिर मासूम किस अनहोनी की शिकार हुई, इसे लेकर अनगिनत सवाल खड़े हो गए हैं। पड़ोसी भी फ्लैट की दीवारों के पीछे दबकर रह जाने वाली बेटी की चीख से बेखबर हैं।

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अलबत्ता लोगों को सिर्फ इतना पता है कि नि:संतान सिन्हा दंपती के घर चार माह पहले ही इस मासूम को गोद लिए जो की बात सुनी गई थी। छावनी के आर्मी स्कूल में शिक्षक अरुण सिन्हा और उनकी पत्नी अंजना सिन्हा वर्ष भर पहले ही इस अपार्टमेंट में आए थे। अरुण ने इस फ्लैट को खरीद लिया है। इससे पहले इस दंपती के पास के ही घूंघट वाली गली में स्थित किसी घर में रहने की जानकारी मिली है। अभी इस अपार्टमेंट की सोसाइटी बिल्डर के ही पास है। इस सोसाइटी को चलाने वाले उमेश बताते हैं कि सिन्हा दंपती का लोगों से बहुत मेलजोल नहीं था।

Prayagraj News : सन शाइन अपार्टमेंट। - फोटो : अमर उजाला।
तीन दिन से अंजना और उनके घर में रहने वाली मासूम दोनों ही नजर नहीं आ रहे थे। वह कहां थे और किन वजहों से फ्लैट से निकले थे, यह जांच का विषय है। चार महीने पहले आई मासूम के बारे में आसपास के लोगों को बस इतना ही पता है कि वह उनके मामा की बेटी थी, जिसे उन्होंने गोद ले लिया है। उस मासूम को सिन्हा दंपती के गोद लेने की बात कई लोगों ने कान से सुनी है, लेकिन हकीकत का पता किसी को भी नहीं है।
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Prayagraj News : अस्पताल में भर्ती बच्ची। - फोटो : अमर उजाला।
गार्ड अजय सिंह का कहना है कि वह रंजना और उनके पति को सिर्फ आते जाते ही देखता था। वह बहुत कम लोगों से बातें करते थे। बच्ची भी घर से बहुत कम ही बाहर निकलती थी। पड़ोसियों की मानें तो उनका किसी के यहां आना जाना भी बहुत कम ही था। सिन्हा दंपती के स्वभाव और उनके बैक ग्राउंड के बारे में भी वहां लोगों को अभी ठीक से जानकारी नहीं है। उनके एक पड़ोसी ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि सिन्हा दंपती ने बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू कराने की चर्चा की थी।

अभी मासूम स्कूल पढ़ने भी नहीं जाती थी। वह मासूम कहां से और कैसे वहां आई, इसके बारे में भी लोगों को अभी जानकारी नहीं है। लेकिन, इतना जरूर कहा जा रहा है कि वह बालिका सिन्हा दंपती के रिश्ते की बताई जाती रही है। बालिका के रंजना और उनके पति के बर्ताव को लेकर भी कोई खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं था।
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