सांगीपुर के पदमाकरपुर में सई नदी में डूबने से मृत बालक के बिलखते परिजन।
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सांगीपुर इलाके में सई नदी में समाए पदमाकरपुर निवासी आठ वर्षीय मासूम साहिल का शव 20 घंटे बाद नदी में उतराया मिला। मासूम का शव मिलने की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सांगीपुर थाना क्षेत्र के पदमाकरपुर निवासी रामबहोर वर्मा का बेटा साहिल(8) बुधवार को सुबह अपनी बहन नेहा के साथ गांव में सई नदी के किनारे बकरी चराने गया था। यहां नदी में गांव के लड़के नहा रहे थे। यह देख साहिल भी नदी में किनारे नहाने लगा। नहाते-नहाते साहिल फिलसकर अचानक नदी के गहरे जल में समा गया।
बहन के शोर मचाने पर परिजन व ग्रामीण के साथ पुलिस मासूम की तलाश जुट गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। दूसरे दिन बृहस्पतिवार की सुबह मासूम का शव घटना स्थल से तीन किलोमीटर दूर थरिया घाट पर उतराया मिला। 20 घंटे बाद शव मिलने की सूचना पर सांगीपुर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों की मदद से बाहर निकला। मासूम का शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। मां-बाप रो-रोकर अचेत हो जा रहे थे। पुलिस ने किसी तरह समझा बुझाकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। सांगीपुर एसओ ने बताया कि शव बरामद करते हुए कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
बैरंग लौटे प्रयागराज से आए गोताखोर
घुइसरनाथ धाम। नदी के गहरे जल में समाए मासूम साहिल के शव की तलाश के लिए प्रयागराज से गोताखोरों को बुलाया गया था। बुधवार को रात आठ बजे तक पुलिस व ग्रामीणों के साथ गोताखोर शव को नदी में जगह जगह तलाशते रहे। लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। रात आठ बजे प्रयागराज से आए गोताखोर बैरंग वापस लौट गए। अगले दिन शव नदी में अपने आप थरिया गांव के सई घाट पर उतराया मिल गया।
छह बहनों के बीच इकलौता भाई था साहिल
पदमाकरपुर निवासी राम बहोर वर्मा के छह बेटियां के बीच इकलौता बेटा साहिल था। जब साहिल बकरी चराने गया तो उसकी 13 वर्षीय बहन नेहा भी देखभाल के लिए उसके साथ गई। साहिल जब नदी में नहाने उतरा तो बहन ने बहुत रोका, लेकिन वह किनारे नहाकर जल्दी बाहर आने की कहकर पानी में उतर गया। नेहा अपने भाई साहिल की मौत का मंजर अपनी आंखों देखा और बेबस होकर दहाड़े मारकर रोने के अलावा कुछ नहीं कर सकी।