सूअरों में अफ्रिकन स्वाइन फीवर के वायरस मिले हैं। इस बाबत प्रशासन की ओर से एलर्ट जारी किया गया है। सुकर पालकों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। बाढ़ से पहले ही बड़ी संख्या में सूअरों की मौत हो गई थी। यह सिलसिला बाढ़ के दौरान भी जारी रहा। इस बाबत रक्त, सीरम एवं बिसरा जांच के लिए मध्य प्रदेश भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में वायरस पाए जाने की पुष्टि हुई है।
डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि यह वायरस सिर्फ सूअरों को संक्रमित करता है। इससे अन्य जानवरों तथा मनुष्य को किसी तरह का खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि सूअरों में इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसके तहत सूअरों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनके बाजार नहीं लगेंगे। इनके मांस तथा अन्य उत्पादों की बिक्री भी प्रतिबंधित रहेगी। कई अन्य प्रतिबंधित भी लागू किए गए हैं।
सूअरों में बीमारी मिलने या मौत पर नोडल अधिकारी डॉ.डीके पांडेय के मोबाइल नंबर 9415973376, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नंबर 9415651562 तथा कंट्रोल रूम के नंबर 9415947185 पर सूचना दी जा सकती है। खुले में सूअरों के घूमने की सूचना नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर 8303701028 पर दी जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी किया हेल्पलाइन नंबर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। यदि किसी व्यक्ति में खासी, सांस फूलने आदि जैसे लक्षण दिखते हैं तो हेल्पलाइन नंबर 0532-2640645 पर सूचना दी जा सकती है।