याची के मृतक पिता सुधारक प्रसाद दुबे की 10 लाख रुपये की वसूली
के लिए अमीन और तहसीलदार द्वारा गिरफ्तार किया गया था। राबर्टसगंज स्थित राजस्व लॉकअप में 19 मई 2022 को उनकी मौत हो गई। मामले में डीएम द्वारा मजिस्ट्रेटी जांच बैठाई गई। याची ने मजिस्ट्रेटी जांच को चुनौती दी। याची की ओर से कहा गया कि याची की ओर से कहा गया कि जांच गंभीर रूप से नहीं की जा रही है। मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य स्तर तक प्रतिवादियों का आचरण दृष्टया घोर कदाचार और कर्तव्य की अवहेलना माना। कहा कि जिम्मेदार अफसर सत्ता का दुरपयोग कर रहे हैं और कानून के शासन को प्रभावित कर रहे हैं।
याची की ओर से इस मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई परिणाम नहीं आया। जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। हिरासत में मौत के मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया। याची ने याचिका के जरिए निष्पक्ष जांच की मांग की।