हाईकोर्ट ने बीती 27 अगस्त को ही हिंदी में फैसले देखने की सुविधा की शुरुआत की थी। इसका लिंक हाईकोर्ट की वेबसाइट पर दिया गया है। इसके लिए महत्वपूर्ण फैसलों का हिंदी में अनुवाद कराया जा रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अंग्रेजी में दिए फैसलों के हिंदी में अनुवाद का परीक्षण या संशोधन हाईकोर्ट के अधिवक्ता ही करेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस पैनल में शामिल होने के लिए बार एसोसिएशन के जरिए अधिवक्ताओं से शुक्रवार तक आवेदन मांगे हैं। चयनित अधिवक्ताओं को एक रुपये प्रति शब्द की दर से इसका भुगतान किया जाएगा।
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हाईकोर्ट ने बीती 27 अगस्त को ही हिंदी में फैसले देखने की सुविधा की शुरुआत की थी। इसका लिंक हाईकोर्ट की वेबसाइट पर दिया गया है। इसके लिए महत्वपूर्ण फैसलों का हिंदी में अनुवाद कराया जा रहा है। हिंदी में अनुवादित फैसले वेबसाइट पर अपलोड करने के पहले अनुभवी अधिवक्ताओं से परीक्षण कराया जाएगा, ताकि किसी तरह की कमी न छूटने पाए। इसके लिए अधिवक्ताओं को न्यायिक निर्णय की सॉफ्टवेयर से हिंदी में अनुवादित कॉपी के साथ-साथ मूल प्रति भी दी जाएगी।
अधिवक्ताओं के आवेदन 22 सितंबर की शाम पांच बजे तक मेडिएशन सेंटर की तीसरी मंजिल स्थित सुवास सेल में जमा किए जाएंगे। इच्छुक वकीलों को नाम, पता, फोन नंबर, ईमेल आईडी, एडवोकेट रोल नंबर और बार काउंसिल पंजीकरण नंबर के साथ अपने बैंक खाते का ब्योरा भी उपलब्ध कराना होगा।
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बार ने की आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा का कहना है कि हाईकोर्ट की इस योजना के बारे में अधिकांश अधिवक्ताओं को जानकारी ही नहीं है। इसी वजह से बार एसोसिएशन ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि आवेदन करने की अंतिम तिथि को कम से कम 15 कार्य दिवस के लिए बढ़ा दिया जाए।