प्रयागराज। जिला कचहरी परिसर में शुक्रवार को कुछ लोगोें ने अधिवक्ता अरुण शुक्ला पर हमला किया। मारपीट के साथ ही फायर भी झोंका, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। उन्हें बचाने वकील पहुंचे तो हमलावर भागने लगे। जिसमें से एक को पकड़कर जमकर पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया गया। कर्नलगंज थाने में तीन नामजद व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एडीए कॉलोनी नैनी के रहने वाले अरुण जिला कचहरी में वकालत करते हैं। शुक्रवार दोपहर 12 बजे के करीब वह एडीजे द्वितीय कक्ष से बाहर निकले थे। तभी कुछ लोगों ने उन पर हमला बोल दिया जिसमें उन्हें चोटेें भी आईं। साथी पर हमले से वहां मौजूद अधिवक्ता स्तब्ध रह गए। वह बीचबचाव को दौड़े तो हमलावर भागने लगे।
इस दौरान एक हमलावर पकड़ लिया गया, जिसे जमकर पीटा गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर घायल अधिवक्ता को बेली अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, घटना से आक्रोशित वकीलों ने एसएसपी कार्यालय के पास जाम लगा दिया। जिसकी जानकारी मिलते ही अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आननफानन में कर्नलगंज, जार्जटाउन के साथ ही अन्य थानों की फोर्स बुलाई गई। मौके पर मौजूद एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर वकील शांत हुए और फिर करीब आधे घंटे बाद कचहरी रोड पर आवागमन शुरू हो सका। दोपहर बाद घायल अधिवक्ता की तहरीर पर तीन नामजद व अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी ने बताया कि नामजद आरोपियों में सुरेश कुमार, नागेश कुमार पांडेय व मैनेजर निवासी लोहरी, करछना शामिल हैं। रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
पकड़े गए बदमाश ने बताए दो अन्य नाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए युवक ने खुद को रितिक कुशवाहा निवासी लोहवारी, कौंधियारा बताया। उसका कहना है कि वह अपने साथी अमित पांडेय व आकाश शर्मा के कहने पर कचहरी आया था। उसके साथ अन्य कौन लोग थे, वह उन्हें नहीं जानता।
फायरिंग, नगदी-चेन लूट का भी आरोप
घायल अधिवक्ता की ओर से पुलिस को जो तहरीर दी गई है उसमें फायरिंग व नगदी-चेन लूटने का भी आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि हमलावरों ने पहले तमंचे से फायर किया जिसमेें वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद उन्हें घेरकर पीटने के साथ तमंचे की बट से सिर पर हमला कर गंभीर चोट पहुंचाई। साथ ही पांच हजार नगद, सोने की चेन व रुद्राक्ष माला भी लूट ली। आरोप यह भी है कि पकड़े गए हमलावर ने पूछने पर बताया कि उसने तीन लाख में वकील को मारने का ठेका लिया था।
विवाद की वजह स्पष्ट नहीं
वकील पर हमले की वजह देर शाम तक स्पष्ट नहीं हो सकी थी। इस बात की चर्चा रही कि अधिवक्ता व एक नामजद आरोपी के बीच पुराना विवाद है लेकिन, इस पर पुलिस अफसर कुछ स्पष्ट बोलने से इंकार करते रहे। उधर एक चर्चा जमीन के विवाद की भी रही। सीओ कर्नलगंज रत्नेश सिंह ने बताया कि विवाद की वजह स्पष्ट नहीं है। जांच पड़ताल की जा रही है।