इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महोबा के क्रसर ठेकेदार की मौत के मामले में फरार चल रहे महोबा के निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पाटीदार पर क्रसर व्यवसाई के भाई ने मुकदमा दर्ज है। जिसमें पुलिस को उनकी तलाश है। पाटीदार की अग्रिम जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने सुनवाई की। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम आशुतोष कुमार संड ने अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध किया।
मणिलाल पाटीदार पर महोबा के कबरई थाने में दर्ज एफआईआर में आरोप है कि एसपी मणिलाल पाटीदार ने इंद्रकांत त्रिपाठी को धमकाकर छह लाख रुपये रिश्वत ली और प्रत्येक माह इससे ज्यादा धन की मांग की। इंद्रकांत के मना करने पर एसपी ने उसे धमकाया कि ऐसे मरवा दूंगा कि आत्महत्या लगे। उसके बाद इंद्रकांत त्रिपाठी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने इन बातों का खुलासा किया और उसके बाद गोली लगने से उनकी मौत हो गई।
राज्य सरकार से की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके संड ने अर्जी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मणिलाल पाटीदार पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी है। इसके अलावा उसे भगोड़ा भी घोषित किया गया है। कुर्की के वारंट के बावजूद उसके फरार रहने पर आईपीसी की धारा 174ए के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है। ऐसे में वह अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मणिलाल की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।