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उत्तराखंड में आपदा पर अलर्ट मोड में प्रशासन, एनडीआरएफ हुई तैयार

Mon, 08 Feb 2021 01:22 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
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उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में रविवार सुबह ग्लेशियर फटने से धौली नदी में आई बाढ़ का असर प्रयागराज में भी आ सकता है। इस संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया। प्रयागराज में चल रहे माघ मेला को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र के लिए भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रखंड से भी 24 घंटे निगरानी के लिए कहा है। इस बीच अफसर हरिद्वार में आने वाले पानी पर भी नजर रखे हुए हैं। अफसरों का कहना है कि अगर हरिद्वार तक पानी अगर स्थिर रहा तो प्रयागराज में इसका आंशिक असर ही आएगा। 
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वहीं दूसरी ओर 11 फरवरी को माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या को देखते हुए मेला प्रशासन ने गंगा तट पर बसे कल्पवासियों को दूर बसाने की तैयारी शुरू की है। हालांकि अफसरों ने यह भी कहा है कि हरिद्वार में जलस्तर की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आंकलन किया जा सकेगा कि प्रयागराज में ग्लेशियर टूटने का कितना असर आएगा। वैसे भी हरिद्वार से प्रयागराज तक पानी पहुंचने में कम से कम सप्ताह भर का समय लग लगेगा। ऐसे में 11 फरवरी को मौनी अमावस्या तक संकट नहीं होगा।

अगर स्थिति कुछ खराब हुई तो बसंत पंचमी पर इसका असर जरूर पड़ सकता है। वहीं उत्तराखंड की घटना ने हर किसी को परेशान कर दिया। बहुत से लोगों ने इस घटना को केदारनाथ आपदा से भी जोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर एडीएम वित्त एवं राजस्व और प्राकृतिक आपदा एमपी सिंह ने बताया कि उत्तराखंड में हुई इस प्राकृतिक आपदा से  प्रयागराज में स्थिति बहुत खराब होने की उम्मीद नहीं है। हम लगातार हरिद्वार प्रशासन से संपर्क में है। प्रयास है कि जो पानी आ रहा है उसे बीच में बने तमाम बैराज में रोका जाए। वैसे हरिद्वार तक दो दिन बाद पानी पहुंचेगा। जबकि प्रयागराज पानी आने में कम से कम एक हफ्ते का समय है।
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