रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बम्हरौली के निकट भगवतपुर बेगम बाजार में रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का रास्ता साफ हो, इसके लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप किया है। रक्षामंत्री ने कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को पत्र भेजकर बैठक के माध्यम से मामला सुलझाने की बात कही है। सिद्धार्थनाथ ने बताया कि जिला प्रशासन और एयरफोर्स के अफसर जल्द ही आमने-सामने बैठक कर आरओबी निर्माण का रास्ता साफ करेंगे।
दरअसल, कुंभ मेले के मद्देनजर वर्ष 2018 में बम्हरौली एयरपोर्ट के बेगम बाजार रेल क्रांसिंग पर बन रहे रेल ओवरब्रिज का निर्माण वायुसेना ने रुकवा दिया था। तब पुल का निर्माण रेलवे के हिस्से के अलावा पूरा हो चुका था।
वायुसेना की इस आपत्ति के बाद 37.29 करोड़ की लागत से बन रहे पुल का निर्माण रुक गया। हालांकि, तब प्रशासन की ओर से प्रयास किए गए कि पुल का निर्माण हो, लेकिन वायुसेना ने भारत के गजट (जीएसआर 751) तथा भारतीय विमान अधिनियम 1934 का हवाला देते हुए कहा कि आवश्यक उड्डयन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हवाई अड्डे के आसपास कोई भी कार्य प्रारंभ करने के पूर्व भारतीय वायु सेना/भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण की एनओसी लेनी होती है। इस बीच कुंभ नजदीक होने की वजह से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
इसके बाद फिर से पुल के निर्माण को लेकर रक्षा मंत्रालय तक यह मामला पहुंचाया गया। अब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सिद्धार्थनाथ सिंह को पत्र भेजा है। पत्र मिलने के बाद सिद्धार्थनाथ ने कहा कि एयर मार्शल एवं जिला प्रशासन के शीर्ष अफसर इस मामले में बैठक कर उचित समाधान जल्द निकालेंगे।
हवाई पट्टी का दूसरे छोर पर विस्तार से हो सकता है समाधान
बताया जा रहा है कि प्रशासन के साथ होने वाली बैठक में सेना की आपत्ति का समाधान हो सकता है। इसके लिए हवाई पट्टी के दूसरे छोर का तकरीबन 500 मीटर विस्तार करना होगा। दरअसल, जब कुंभ के पूर्व काम रुकवाया गया था, तब तर्क दिया गया था कि रेलवे क्रासिंग पर बन रहे रेल ओवरब्रिज से उसकी हवाई पट्टी की दूरी 500 मीटर से कम है। आरओबी की ऊंचाई विमान के उड़ान भरने तथा उतरने में बाधा उत्पन्न कर रही है। ऐसे में बम्हरौली में बन रहे नए सिविल एयरपोर्ट का भी कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। ऐसे में एयरपोर्ट के दूसरे छोर वाली हवाई पट्टी का 500 मीटर विस्तार कर दिया जाए तो हवाई यातायात आसानी से सुचारु किया जा सकता है।