हरिओम ने थाना आर्दश मंडी पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भागवत के शव को अजय पाठक की कार की डिक्की में बंद करके, घर से गहने व नकदी लूट कर भाग निकला हिमांशु पहले दिल्ली के बुराडी स्थित संतनगर में अपने फ्लैट पर गया। इसके बाद रात में पानीपत टोल प्लाजा पर पहुंच कर कार में आग लगा दी।
पानीपत पुलिस ने कार की आग बुझाकर हिमांशु सैनी को गिरफ्तार कर आदर्श मंडी पुलिस के हवाले किया था। पुलिस ने हिमांशु सैनी से अजय के घर से लूटे गए 22 लाख के गहने, दो लाख रुपये, तलवार-खून से सना खंजर व शव बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने हिमांशु के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पांच साल चले ट्रायल के बाद शामली के जिला जज की अदालत ने झारखेड़ी गांव के हिमांशु सैनी को सामूहिक हत्या का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुना दी। साथ ही एक लाख 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया। शामली के इतिहास में हत्या के मामले में पहली बार किसी को फांसी की सजा सुनाई गई है।