नो इंट्री जोन में घुसने वाले ट्रक एक बार फिर शनिवार को खूनी साबित हुई। इस बार इसकी भेंट पुलिस महकमे के एक दारोगा ही चढ़ गए। घूरपुर थाने में तैनात दारोगा अपनी स्कूटी से कोर्ट के काम से शहर जा रहे थे, लेकिन नैनी के लेप्रोशी मिशन चौराहे के समीप काल बनकर आए ट्रक ने उनकी जिंदगी ही खत्म कर दी।
मूलत: अमेठी जनपद के मोहनगंज थानाक्षेत्र के आसापुर, कावा मोहनगंज तिलोई निवासी परवेज असलम (56) पुत्र मो. असलम पुलिस महकमें में दारोगा थे। उनकी पत्नी खालिदा बानो और बेटा मुशर्रफ परवेज गांव में रह रहे हैं। कोरोना के पहले उनके साथ ही रहते थे। बेटी गजाला बानो की शादी हो चुकी है। गत 25 जुलाई को पुलिस लाइंस से उन्हें घूरपुर थाने में पोस्टिंग मिली थी। वह थाने में ही रहते भी थे।
थानाध्यक्ष घूरपुर भुवनेश चौबे ने बताया कि शनिवार को सुबह दारोगा परवेज असलम स्कूटी से कोर्ट के लिए निकले थे। दिन में करीब 11.30 बजे लेप्रोशी चौराहे से पहले और रीवां रोड पर बने रेलवे ओवर ब्रिज के बाद ट्रक की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें लाद फांदकर उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पता चलने पर परिवार के लोग चीरघर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन ले जाया गया। वहां से परिजन अंतिम संस्कार के लिए अपने गांव अमेठी लेकर चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक ने पीछे से दारोगा को कुचला है लेकिन पुलिस का कहना है कि दारोगा तेज रफ्तार में थे और खड़े ट्रक में टकरा गए हैं। सीओ करछना सोमेंद्र मीना ने बताया कि जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक दारोगा के वाहन की रफ्तार तेज थी और वह खड़े ट्रक में टकरा गए हैं।
दरोगा की मौत से स्तब्ध रह गया घूरपुर थाने का स्टाफ
गुरुवार देर रात घूरपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक परवेज असलम खान की नैनी थाना क्षेत्र के लेप्रोसी मिशन चौराहे पर ट्रक से दुर्घटना के चलते मौत की खबर सुनकर घूरपुर थाने में तैनात हर कर्मचारी अवाक रह गया। सभी मृतक दरोगा के मिलनसार स्वभाव और कर्तव्य परायणता की चर्चा करते हुए शोक में डूब गए। घूरपुर थाना प्रभारी भुवनेश चौबे ने कहा कि हमने परिवार का एक कर्मठ सदस्य खो दिया। थाना स्टाफ ही नहीं बल्कि घूरपुर क्षेत्र का हर वह व्यक्ति जो उनको जानता था, वह दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले दरोगा की मौत की खबर सुनकर स्तब्ध और दुखी था।