हादसे में मारा गया मेराज अपनी पत्नी और बच्चों के साथ।
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घटना में कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में पिकअप भी क्षतिग्रस्त हो गई। दोनों वाहन सड़क किनारे गड्ढे में चले गए। कार सवार सभी वाहन में ही फंस गए। ग्रामीणों ने सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक मासूम सुलेमान की मौके पर ही मौत हो गई थी। सभी घायलों को जगतपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मिराज, उसके बड़े बेटे उस्मान व नौशाद अली की मौत हो गई। वहीं मृतक मिराज की पत्नी हबीबा, बुसरा व शालेहा का इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल चौकी इंचार्ज शरद कुमार ने बताया कि हादसे में चार लोगों की मौत हुई है। ये सभी लखनऊ एयरपोर्ट जा रहे थे, तभी ऊंचाहार क्षेत्र में हादसा हुआ। चारों शवों को अस्पताल स्थित मच्र्युरी में रखवा दिया गया है। शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि हादसा हुआ है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज होगा। पिकअप चालक मौके से फरार हो गया है।
हादसे के बाद घर पर जुटीं महिलाएं।
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पुलिस समय से पहुंच जाती तो बच जाती जान
हादसे की सूचना के बावजूद ऊंचाहार पुलिस को मौके पर पहुंचने में लगभग एक घंटे का समय लग गया। राहगीरों ने गांव वालों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस की लापरवाही से लोगों में नाराजगी रही। लोगों का आरोप था कि पुलिस समय पर पहुंचती तो घायलों की जान बच सकती थी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कोतवाल और उनके मातहतों की लापरवाही के चलते आए दिन हादसे होते हैं। पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंचती है।