डीएम बनकर मनकामेश्वर मंदिर के मंहत से धोखाधड़ी करने की कोशिश के मामले में पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। घटना में प्रयुक्त दो अन्य नंबरों में से एक का वह धारक है। हालांकि, प्रारंभिक पूछताछ में उसने खुद को निर्दोष बताया है। उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि युवक से पूछताछ में उसने इस घटना के संबंध में जानकारी से इन्कार किया। कहा कि उसके नंबर का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया गया। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि उसकी बातों में कितनी सच्चाई है।
एक आशंका यह जताई जा रही है कि फर्जीवाड़ा करने वाले ने जिस तरह डीएम के सीयूजी नंबर का इस्तेमाल किया, उसी तरह किसी अन्य नंबर का भी प्रयोग किया हो। हालांकि, यह विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इस घटना में कुल तीन नंबरों का इस्तेमाल किया गया। इनमें से एक डीएम प्रयागराज का सीयूजी नंबर था, जबकि दो अन्य थे।