दस अखाड़ों का समर्थन मिलने का दावा
उधर, परिषद के अध्यक्ष के रूप में बैठक ले रहे निरंजनी अखाड़े के महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि उनके साथ 10 अखाड़ों का समर्थन पत्र प्राप्त हो चुका है। निरंजनी के अलावा पंच निर्वाणी, जूना अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा, पंच अग्नि अखाड़ा और आनंद अखाड़ा के अलावा निर्मोही अखाड़े के अपने साथ होने की उन्होंने बात कही।
उनका कहना था कि निर्मोही अखाड़े के सचिव अब राजेंद्र दास नहीं रह गए हैं। जब वह अखाड़े में किसी पद पर ही नहीं हैं तो वह अखाड़ा परिषद के महामंत्री कैसे हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि राजेंद्र दास की जगह सत्येंद्र दास ने उनको समर्थन पत्र भेज दिया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को लेकर दो दिन की बैठक में दो निर्णय लिए गए हैं, उन पर अमल कराने के लिए रविवार को वह सीएम योगी के समक्ष अपना एजेंडा प्रस्तुत करेंगे।
जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री बता रहे हैं, उनकी स्थिति उन अखाड़ों में ही ठीक नहीं है, जहां से वह जुड़े हुए हैं। राजेंद्र दास का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। 13 में से 10 अखाड़े मेरे साथ हैं, जिसका बहुमत होता है, सरकार उसी की बनती है। - महंत रवींद्र पुरी ( निरंजनी अखाड़ा), अध्यक्ष अखाड़ा परिषद
मैं अखाड़ा परिषद का निर्वाचित अध्यक्ष हूं। दो दिन से जो बैठकें चल रही हैं, उसमें सिर्फ पांच अखाड़े ही शामिल हुए हैं। महाकुंभ मेरे नेतृत्व में होगा। - दूसरे धड़े के अध्यक्ष, महंत रवींद्र पुरी (महानिर्वाणी)