उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित स्वदेशी शिल्प मेले में महिला उद्यमी सुनीता सिंह का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुनीता अपने हाथों से बने कपड़े के बैग प्रदर्शित कर रही हैं, जो पारंपरिक डिजाइन और आधुनिक उपयोगिता का अनोखा मिश्रण है।
उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर है जब वे अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों को दिखा रही हैं। पहले मेरा काम केवल घर तक सीमित था। अब मैं अपने बैग का मूल्य खुद तय करती हूं और ग्राहकों को उत्पाद निर्माण की पूरी प्रक्रिया दिखाती हूं। इससे आत्मविश्वास मिला और बिक्री भी बढ़ी है।
सुनीता का स्टॉल युवाओं और घर की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गया है। कई आगंतुक बैग की टिकाऊ सामग्री, डिजाइन और पारंपरिक शिल्प कौशल देखकर प्रभावित हो रहे हैं। मेले में महिला उद्यमियों की भागीदारी इस आंदोलन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
महिलाएं अपने कौशल और हुनर के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही हैं। सुनीता कहती हैं कि मेला मेरे लिए केवल बिक्री का अवसर नहीं बल्कि अपने हुनर और आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने का मंच है। उनका कहना है कि महिलाएं स्वदेशी उत्पाद बनाकर अपने पैरों पर खड़ी हों और आत्मनिर्भर बनें। स्वदेशी शिल्प मेला महिलाओं के लिए रोजगार, पहचान और प्रेरणा का मंच बनकर उभरा है।