चल पड़े जिधर दो डग मग में चल पड़े कोटि पग उसी ओर...। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जब मानवता कराह रही थी और बेड, आक्सीजन के लिए लोग असहाय होकर भटक रहे थे, तब शहर के एक अफसर ने मददगार चिकित्सकों का समूह सैकड़ों लोगों को काल के गाल सेे बाहर खींच लिया। डॉक्टर मित्र के नाम से गठित इस समूह के जरिए अब प्रयागराज ही नहीं देश भर के प्रमुख शहरों में कोरोना पीड़ितों को मुफ्त चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।
सीडीए पेंशन लेखा परीक्षक के पद पर तैनात दीपक अग्रहरि ने कोरोना संक्रमण के खिलाफ देश भर में चिकित्सकों का बड़ समूह तैयार किया है। इस समूह का नाम रखा गया है डॉक्टर मित्र। इस डॉक्टर मित्र समूह में स्वरूपरानी अस्पताल के अलावा, एसजीपीजीआई लखनऊ, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर, दशरथ मेडिकल कॉलेज अयोध्या, झांसी मेडिकल कॉलेज, साइन हॉस्पिटल मुंबई, अंबेडकर हॉस्पिटल मुंबई, सर गंगाराम हॉस्पिटल दिल्ली, मैक्स हॉस्पिटल के अलावा जौनपुर, फतेहपुर, कानपुर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के एमबीबीएस चिकित्सक शामिल हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर जब चरम पर थी, तब एक फोन पर इस समूह की मदद से मरीजों को बेड और इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे थे। दिल्ली से लेकर प्रयागराज तक वेंटिलेटर, आक्सीजन और आक्सीजन सिलेंडर डॉक्टरों के इस समूह के जरिए लोगों को उपलब्ध कराए गए। अब इस समूह में चिकित्सकों की संख्या बढ़कर 250 हो गई है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ राजेश अग्रहरि बताते हैं कि दीपक की पहल पर एक-एक कर चिकित्सक इस समूह से जुड़ते गए और मददगारों का कारवां खड़ा हो गया।?
अब इस समूह में एक फोन या मैजेस पर देश के किसी भी कोने में कोरोना संक्रमित को बेड या किसी भी तरह की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसी तरह किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजिस्ट डॉ दिलीप चौरसिया इस समूह को असहायों के लिए वरदान मानते हैं। उनका कहना है कि किसी का भी फोन आने पर इस समूह के चिकित्सक उसे तत्काल राहत दिला रहे हैं।