संगमनगरी में सावन का तीसरा सोमवार इस बार नाग पंचमी के दुर्लभ महासंयोग के साथ मनाया जायेगा। तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन होने से शहर के प्रमुख शिवालयों में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी।
शिवकुटी के पंडित हेमंत शुक्ला के अनुसार सोमवार को शिव आराधना और नाग पूजा का संयोग विशेष फलदायी माना जाता है। नाग पंचमी पर नाग देवता को दूध, जल और पूजन सामग्री अर्पित करने की परंपरा है। वहीं शिवलिंग पर जल, गंगाजल, बेलपत्र और दूध चढ़ाकर भगवान शिव का पूजन किया जाएगा।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:24 से 5:08 बजे और अमृत मुहूर्त सुबह 5:51 से 7:30 बजे तक रहेगा। दारागंज स्थित नागवासुकी मंदिर और दरियाबाद स्थित तक्षक तीर्थ बड़ा शिवाला समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर नाग पंचमी को लेकर विशेष पूजन की तैयारी है।
मनकामेश्वर मंदिर में महंत श्रीधरानंद सरस्वती के सानिध्य में भगवान का विशेष अभिषेक पूजन और महाशृंगार किया जाएगा, भोलेगिरि मंदिर, कोटेश्वर नाथ महादेव, हाटकेश्वर नाथ, शिव कचहरी और सिविल लाइन हनुमत निकेतन स्थित शिव मंदिर समेत अन्य शिवालयों में भी विशेष पूजन-अभिषेक होंगे।
नुरुल्लाह रोड स्थित गुड़िया तालाब पर प्राचीन गुड़िया का मेला सजाया जायेगा। झूले, खान-पान की दुकानों और पारंपरिक आयोजन से क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहेगा।