रेलवे अब सिर्फ पटरियों पर ट्रेनें ही नहीं दौड़ा रहा, बल्कि कमाई के नए ट्रैक भी बिछा रहा है। रेलवे प्रशासन ने अपनी आय को बढ़ाने और तमाम कंपनियों के ब्रांड्स को चमकाने के लिए एक नया दांव चला है।
इसके तहत अब उत्तर रेलवे के प्रमुख स्टेशनों के प्लेटफॉर्म के नाम भी बदले-बदले नजर आएंगे। प्लेटफॉर्म के नेमिंग राइट्स यानी नामकरण अधिकार कंपनियों को बेचे जाएंगे।
इस योजना के तहत प्रयागराज संगम, वाराणसी कैंट, लखनऊ, बरेली जंक्शन, मुरादाबाद, मेरठ सिटी, अंबाला, सहारनपुर, जम्मूतवी आदि महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों के कुछ प्लेटफॉर्म नेमिंग राइट्स के लिए निजी कंपनियों को दिए जाएंगे।
इस व्यवस्था से न केवल रेलवे के राजस्व (आय) में उल्लेखनीय इजाफा होगा, बल्कि संबंधित कंपनियों को भी अपने उत्पादों और ब्रांड की बड़े पैमाने पर विजिबिलिटी और प्रचार का शानदार अवसर मिलेगा।
नई दिल्ली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14, 15 और 16 के नेमिंग राइट्स एक नामी फुटवियर कंपनी ने झटक लिए हैं। प्लेटफॉर्म पर उस ब्रांड की चमक-दमक और विज्ञापन दिखाई देंगे। प्लेटफॉर्म का नाम भी उक्त फुटवियर कंपनी के नाम होगा। एनाउंसमेंट के पहले उक्त कंपनी का नाम और फिर प्लेटफॉर्म संख्या पुकारी जाएगी।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि रेलवे अपनी आय के स्रोतों को मजबूत रहा है। साथ ही लगातार नए और रचनात्मक प्रयास हो रहे हैं। स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म के नामकरण से होने वाली आय का उपयोग यात्रियों के लिए आधारभूत संरचना और सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने में किया जाएगा।