इलाहाबाद। मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.दिलीप चौरसिया के घर में लूट की प्लानिंग महीने भर पहले बनी थी। युवकों ने सोचा था कि उनके घर में लूटपाट कर वे सभी एक झटके में लखपति बन जाएंगे मगर उनका मंसूबा पूरा नहीं हो सका। इस घटना के मास्टरमाइंड गौरव समेत तीन लुटेरे फरार हैं। वे तीनों स्नातक के छात्र हैं। पकड़ा गया आकाश रावत चाय दुकानदार हैं। उसने पुलिस को बताया कि करीब 25 दिन पहले गौरव ने सीएमपी डिग्री कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में महामंत्री पद के उम्मीदवार कौशलेंद्र राका के साथ पन्नालाल रोड स्थित डॉ. चौरसिया के निवास का जायजा लिया था।
डॉ. दिलीप चौरसिया के घर मेें सोमवार देर शाम सात बजे चार बदमाशों ने घुसकर उनकी बेटी को तमंचा सटाया और पत्नी डॉ. विदुला दिलीप को धमकी देकर डेढ़ लाख रुपये तथा दो मोबाइल फोन लूट लिए थे। सिक्योरिटी गार्ड ने बाहर से फायरिंग की तो बदमाश पैदल भागने लगे। एक बदमाश पकड़ा गया जबकि तीन फरार हैं। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पकड़ा आकाश रावत उर्फ सोनू तेलियरगंज में काशीराम आवास निवासी पान विक्रेता हरिशंकर रावत का पुत्र है। उसके पास एक तमंचा और लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया है। आकाश एलनगंज में चाय की दुकान लगाता था। उसने बताया कि लूट में प्रतापगढ़ में दहिलामऊ सदर कोतवाली इलाके का गौरव उर्फ निखिल, खीरी में ऊंचगांव का धमेंद्र सिंह और अल्लापुर का मुकेश सोनी भी शामिल था। गौरव और धमेंद्र भी अल्लापुर में रहते हैं। लॉज में विस्फोटक बनाने वाले रवि मौर्या से उनकी दोस्ती रही है। वे रवि के कमरे में मिलते थे। आकाश के मुताबिक, एक महीने पहले गौरव ने कहा कि डॉ.दिलीप के यहां लूटपाट की जाए तो कई लाख रुपये मिल जाएंगे। गौरव ने सीएमपी के छात्र नेता राका के साथ जाकर डॉक्टर का घर देखा। फिर तय किया कि सोमवार शाम उनके घर में लूटपाट की जाएगी। चर्चा है कि पुलिस राका को भी पकड़ पूछताछ कर रही है पर एसपी सिटी राजेश यादव का कहना है कि अभी उसके बारे में जांच की जा रही है।