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नग्न चित्र बनवाने के लिए डालता था दबाव

Sun, 08 Jun 2014 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। ट्रिपल आईटी के एसोसिएट प्रोफेसर सीवीएस शिवा प्रसाद ने एमटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा के साथ जो कुछ करने की कोशिश की, उसे जानकर हर किसी का सिर शर्म से झुक जाएगा। एसोसिएट प्रोफेसर छात्रा से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव तो डालता ही था, उसका नग्न चित्र भी बनाने की इच्छा रखता था। उसने छात्रा से एक दो बार नहीं बल्कि दर्जनों बार कहा था कि वह कम कपड़ों या नग्न अवस्था में उसके सामने आए ताकि वह उसका चित्र बना सके।
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छात्रा ने एफआईआर में एसोसिएट प्रोफेसर की हरकतों का खुलासा किया है। छात्रा के मुताबिक शिवा प्रसाद उसे कमरे में अपने पास बैठाता था और बार-बार पीठ और हाथ को छूता था। जब उसने इससे इंकार किया तो धमकी दी कि उसकी जिंदगी को खराब कर देगा। शिवा प्रसाद ने 29 मई को दिल्ली जाने से पहले छात्रा के कंधे पर हाथ रखकर कहा था कि प्रोजेक्ट को पास कराना है तो ‘माइंड प्रिपेयर’ कर लो।
एसोसिएट प्रोफेसर शिवा प्रसाद की नापाक हरकतों को छात्रा साल भर सहती रही। छात्रा का आरोप है कि शिवा प्रसाद उसे अपने मेज के पास बिठाता था और बार-बार पीठ पर हाथ रखता था। वह जानबूझकर पेन, पेपर या किताब को गिराता और उसे उठाने के लिए कहता था। जब वह झुककर सामान उठाती तो वह उसे गंदी निगाह से उसे देखता था।
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छात्रा ने एफआईआर में लिखाया है कि शिवा प्रसाद उससे शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रलोभन भी देता था। अच्छे नंबरों से पास करने का भरोसा तो उसको दिलाता था ही, विदेश घुमाने और महंगे गिफ्ट दिलवाने का वादा भी करता था। जब उसने इंकार किया तो कहा कि प्रोजेक्ट पूरा करने के बहाने वह उसको दिल्ली भी बुला सकता है। उसने बचने के लिए जल्द से जल्द प्रोजेक्ट पूरा किया तो एसोसिएट प्रोफेसर ने उसे दूसरा प्रोजेक्ट दे दिया। यह भी कहा कि वह उसको तब तक कहीं जाने नहीं देगा, जब वह उसकी इच्छाओं को पूरा नहीं कर देती। वह उसको शाम को छह बजे के बाद आफिस में बुलाता था और रात में 11 बजे के बाद फोन भी करता था।
छात्रा ने 29 मई की शिवा प्रसाद की धमकी के बाद 30 मई को निदेशक को पत्र लिखकर पूरे मामले से तो अवगत करा अपना सुपरवाइजर भी बदलने का अनुरोध किया था। छात्रा का आरोप है कि शिवा प्रसाद पहले भी कई छात्राओं को परेशान कर चुका है।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में यौन उत्पीड़न के आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीवीएस शिवा प्रसाद शनिवार को भी जांच समिति के सामने उपस्थित नहीं हुए। समिति ने 10 जून को उपस्थित होने का एक और मौका दिया है। यह तीसरा और आखिरी मौका होगा। इसके बाद समिति छात्रा के बयान तथा उसकी ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति तथा फाइनल रिपोर्ट निदेशक को सौंप देगी। माना जा रहा है कि यदि डॉ. शिवा 10 जून को भी उपस्थित नहीं हुए तो उनकी बर्खास्तगी की संस्तुति की जा सकती है। आरोपी शिक्षक ने अनुपस्थिति रहने की कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी। उन्होंने मोबाइल भी ऑफ कर रखा है। इससे उनसे संपर्क नहीं हो पाया। संस्थान के सूत्रों के अनुसार शिक्षक के इस रुख को देखते समिति के सदस्यों ने बर्खास्तगी की तैयारी भी शुरू कर दी है।
संस्थान की एमटेक छात्रा ने डॉ. शिवा पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। छात्रा ने चार जून को जांच समिति के समक्ष उपस्थित होकर साक्ष्य भी उपलब्ध कराए, जो यौन उत्पीड़न की पुष्टि करते हैं। इस आधार पर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षक का पक्ष जानने के लिए उन्हें फिर शनिवार को बुलाया गया था लेकिन वह दोनों दिन जांच समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। समिति की ओर से उन्हें 10 जून को उपस्थित होने का फिर मौका दिया गया है। अफसरों के अनुसार यह अंतिम अवसर भी होगा। जिम्मेदार अफसर इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं लेकिन अन्य अफसरों के अनुसार शिक्षक की बर्खास्तगी की तैयारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच समिति 10 जून को ही निदेशक को अंतिम रिपोर्ट सौंप देगी।
ट्रिपलआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवा प्रसाद पर आरोपों की यह पहली घटना नहीं है। संस्थान की कई अन्य छात्राएं भी उनके खिलाफ गलत व्यवहार की लिखित शिकायत कर चुकी हैं। इसके बाद डॉ. शिवा को हटाकर उनके सुपरवाइजर भी बदल दिए गए। शनिवार को एक छात्रा ने कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष भी रखा। अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की जा सकती है।
एमटेक की एक छात्रा ने 2008 में तो पीएचडी की अन्य छात्राओं ने दो साल पहले डॉ. शिवा प्रसाद के खिलाफ आपत्तिजनक व्यवहार को लेकर शिकायत की थी। इसी तरह एक अन्य छात्रा ने भी डॉ. शिवा के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी। 30 मई को एमटेक की छात्रा की ओर से की गई शिकायत के परिप्रेक्ष्य में गठित पांच सदस्यीय समिति ने उस छात्रा का बयान दर्ज किया। जांच समिति की अध्यक्ष प्रोफेसर कृष्णा मिश्रा ने कुछ भी बताने से मना कर दिया लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि सभी छात्राओं से पूछताछ की जाएगी।
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