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पूर्व शिक्षामंत्री के खिलाफ लोकायुक्त की रिपोर्ट तलब

Fri, 28 Feb 2014 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूरे मामले की जानकारी मांगी है। घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मपाल सैनी के संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि मामले की जांच लोकायुक्त ने की है और अपनी रिपोर्ट भी दे चुके हैं, इसके बावजूद सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई की। प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता विवेक मिश्र ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
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सहारनपुर के शेर सिंह राणा ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि 2007 में बेसिक शिक्षा विभाग में विभिन्न मदों के लिए दिए गए 28 करोड़ चार लाख 73 हजार 36 रुपये की धनराशि जारी की गई। यह रकम प्राथमिक विद्यालयों के सुधार, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों, खेलकूद के सामान और कंप्यूटर आदि खरीदने के लिए दी गई थी। धनराशि का दुरुपयोग होने पर जांच लोकायुक्त को सौंप दी गई। लोकायुक्त ने 17 नवंबर 2010 को अपनी रिपोर्ट दी जिसमें तत्कालीन बेसिक शिक्षा मंत्री धर्मपाल सैनी को दोषी पाया गया है। याची का कहना है कि उसने सूचना का अधिकार के तहत लोकायुक्त की रिपोर्ट राज्यपाल के कार्यालय से मांगी थी मगर उसे बताया गया कि रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। आरोप है कि पूर्व मंत्री सैनी की घोषित संपत्ति इस अवधि में कई गुना बढ़ गई। समाचार पत्रों की कटिंग भी लगाई गई है। खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिया है कि अगली तिथि पर लोकायुक्त की रिपोर्ट तथा यदि इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज कराई गई है तो उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
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