इलाहाबाद। छात्रों के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेजों के शिक्षक भी अब आंदोलन के लिए मजबूर हैं। शिक्षकों की कमी के कारण संघटक कालेजों में नियमित कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं। कई विषयों के तो एक भी शिक्षक नहीं हैं। इसको लेकर छात्रों का उग्र आंदोलन शुरू है, जिसकी जद में शिक्षक भी हैं। कई बार शिक्षकों को दुर्व्यवहार का भी शिकार होना पड़ा। इससे नाराज शिक्षकों ने नई भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा की है।
इलाहाबाद डिग्री कालेज और सीएमपी डिग्री कालेज के छात्र इसको लेकर अधिक उग्र हैं। इसके मद्देनजर शिक्षकों की भर्ती के लिए कॉलेज प्रबंधकों और प्राचार्यों की ओर से लगातार पत्र लिखा गया लेकिन अभी तक इसका हल नहीं निकाला जा सका है। यहां तक कि गेस्ट फैकेल्टी की नियुक्ति पर भी रोक है। रिटायर शिक्षकाें की नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय ने निर्देश दिया है लेकिन इनकी सूची भी अभी तक कालेजों को नहीं मिली है। इसके अलावा कालेजों के शिक्षकों के प्रमोशन, कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम का मामला भी वर्षों से लंबित है। इन सभी मुद्दों को लेकर शिक्षकों ने आंदोलन की घोषणा की है। इसकी शुरुआत सीएमपी डिग्री कालेज से होगी। शिक्षकों ने सोमवार से काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करने की घोषणा की है। इसके बाद इसमें सभी कालेजों के शिक्षक शामिल होंगे।