इलाहाबाद। रविवार शाम चमक और गरज के साथ हुई तेज बारिश से किसानों के होश उड़ गए। खेत से कटाई के बाद खलिहान में मड़ाई के लिए रखी गेहूं की फसल के लिए यह बरसात अभिशाप बनकर आई है। तेज बारिश और आंधी के बीच ओले पड़ने के कारण आम की सफल को भी भारी नुकसान हुआ है।
देर शाम तेज आधी के साथ बारिश शुरू होने से खलिहान में मड़ाई के इंतजार में रखी गेहूं की फसल के भीग जाने के कारण सप्ताह भर के लिए थ्रेसिंग का काम ठप पड़ जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। किसानों का कहना है कि अभी 30 फीसदी गेहूं की फसल की मड़ाई हो सकी है। खलिहान में 70 फीसदी फसल पड़ी है।
तेज बारिश के साथ कोरांव, मेजा, शंकरगढ़,करछना, मांडा सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने से दलहनी के साथ तिलहनी फसलों पर भी असर पड़ा है। खेत से कटाई के बाद खलिहान में रखी अरहर, सरसोँ, मसूर, मटर, चना की फसल पर बारिश से अधिक चोट पहुंचने की संभावना है। कोरांव क्षेत्र में तेज ओले और चक्रवाती तूफान आने से चना, मटर और मसूर की खेती पर अधिक प्रभाव पड़ा है। खलिहान में इन फसलों के भीग जाने के बाद, सड़ने की आशंका बन गई है।
मेजा के किसान शिव प्रसाद ने बताया कि आंधी और बारिश के बाद गेहूं की फसल उड़ गई। वहीं राम केवल ने बताया कि चना और सरसों के दाने भीग जाने से इनके खराब होने की आशंका है। जिला कृषि अधिकारी अतीन्द्र सिंह ने बताया कि इस बार बागों में आम के पेड़ में खूब फल लगे थे, इस आंधी से आम की फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी 70 फीसदी से अधिक गेहूं की फसल की मड़ाई बाकी है। बारिश के कारण किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर सकता है।