इलाहाबाद। बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर ज्यादा से ज्यादा तैयारी करने की धुन में विद्यार्थी देर रात तक जग रहे हैं। नतीजा है कि उनका निद्रा चक्र पूरा नहीं हो रहा है जिस के कारण सिर दर्द, चक्कर आना, बुखार सा लगना जैसी बीमारियां हो रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि देर रात तक जगने के बाद सुबह देर तक सोने के बाद भी शरीर फिट नहीं रहता। निद्रा चक्र अनियमित हो जाता है और इससे कार्डियन रिद्म बिगड़ जाता है। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी और फिजिशियन डॉ.गगन सिंह का कहना है कि महीनों से देर रात जागकर पढ़ाई करने वाले कई परीक्षार्थियों की याददाश्त पहले से कमजोर हो गई है। साथ ही उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा।
डॉ.केबी त्रिपाठी का कहना है कि शरीर के हार्मोंस सुबह पांच बजे से रात के क्रम में चलते हैं। रात में छह घंटे की नींद जरूरी है, उस समय जगने पर पाचन शक्ति प्रभावित होती है जो धीरे धीरे बीमारी की तरफ ढकेलती है। इसलिए बेहतर है कि परीक्षार्थी रात में कम से कम सात घंटे गहरी नींद लें।