इलाहाबाद। अनुबंधित बसों की हड़ताल के कारण शुक्रवार को वाराणसी और मिर्जापुर रूट पर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाराणसी से इलाहाबाद आने वाली 27 और मिर्जापुर डिपो की 25 अनुबंधित बसों में से एक भी नहीं चलीं। हालांकि, इलाहाबाद और प्रतापगढ़ में हड़ताल बेअसर रही।
किमी की दरों में बढ़ोतरी समेत कई मांगों को लेकर सूबे के कई क्षेत्रों में अनुबंधित बसों की हड़ताल रही। इलाहाबाद में अनुबंधित बसों के संचालक हड़ताल पर नहीं गए लेकिन इलाहाबाद आने वाले यात्रियों को इसके कारण परेशानी भुगतनी पड़ी। वाराणसी रूट पर कैंट डिपो की 27 अनुबंधित बसों का संचालन होता है। इन बसों के कारण ही रोडवेज की बसों का संचालन इस रूट पर कम होता है। यही स्थिति मिर्जापुर रोड पर है। मिर्जापुर डिपो से आने वाली अनुबंधित बसें भी नही आईं। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं को वाहन की जरूरत होने के दौरान अनुबंधित बसों की हड़ताल से यात्री हलाकान हुए। वाहन के इंतजार में घंटों सड़क पर खड़े रहना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि पहले से जानकारी होने के बाद भी मुख्य स्नान पर्व के दौरान हड़ताल को न रोक पाना रोडवेज अफसरों की लापरवाही है। दूसरी ओर क्षेत्रीय प्रबंधक पीआर वेल्वरिया का कहना है कि हड़ताल से केवल वाराणसी की बसें नहीं आ सकीं। इलाहाबाद और प्रतापगढ़ की बसों पर इसका कोई असर नहीं है।