इलाहाबाद। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर स्मैक बरामद की है। नशे के तीन सौदागरों के पास से पुलिस ने दो किलो स्मैक बरामद की है। बरामद स्मैक की कीमत दो करोड़ से अधिक है। सटीक सूचना पर एसओजी ने कुंभ मेला बैरियर पर तीन तस्करों को चार बाइक संग दबोच लिया। इस बार बाराबंकी का रहने वाला गिरोह का मुखिया भी गिरफ्त में आ गया है। एक आरोपी मौके से निकल भागा। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। इतनी बड़ी खेप की बरामदगी पर नारकोटिक्स ब्यूरो को भी सूचना दी गई है। एसएसपी मोहित अग्रवाल ने पुलिस टीम को बीस हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
महाकुंभ की शुरुआत होते ही इलाहाबाद में नशे के सौदागरों ने भी बड़ी खेप भेजनी शुरू कर दी है। मादक द्रव्यों की तस्करी की सूचना पर एसएसपी मोहित अग्रवाल ने सीओ अजय कुमार के नेतृत्व में एसओजी और शिवकुटी पुलिस को लगाया। रविवार को स्मैक की बड़ी खेप बाराबंकी से इलाहाबाद लाई गई। एसएसपी मोहित अग्रवाल के मुताबिक, तेलियरगंज में कुंभ मेला बैरियर के पास से इस्लाम पुत्र साहबान निवासी तिकरा उस्मां जैतपुर बाराबंकी, विकास सोनकर पुत्र गुलाब चंद निवासी मंदर पुरामुफ्ती कौशाम्बी और अंगद उर्फ रविदास पुत्र रामचंद निवासी ताड़बाग रसूलपुर धूमनगंज को गिरफ्तार कर लिया गया। एक आरोपी सचिन उर्फ अर्जुन निवासी ताड़बाग धूमनगंज मौके से निकल भागा। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से दो किलो से अधिक स्मैक बरामद की गई है। बरामद स्मैक प्योर है और उसकी कीमत दो करोड़ से अधिक है। बदमाशों के पास से स्पेलेंडर, सीबी जेड, पैशन और पल्सर बाइक बरामद हुई है। एसएसपी मोहित अग्रवाल ने टीम में शामिल एसओजी प्रभारी मनोज रघुवंशी, सर्विलांस प्रभारी अजय सिंह, एसओ शिवकुटी बीके सिंह, दरोगा राकेश सिंह, मृत्युंजय मिश्र, कांस्टेबिल राजेश, धीरेंद्र, वेद, अभिषेक, गुलाम साबिर और धनंजय को बीस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। एसएसपी के मुताबिक, स्मैक की खेप इस्लाम बाराबंकी से यहां सप्लाई के लिए लाया था।
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पूरा गांव धंधेबाज, छह जिलों का ठेका
इलाहाबाद। एसएसपी मोहित अग्रवाल के मुताबिक, पकड़े गए इस्लाम के उस्मां गांव के ज्यादातर लोग स्मैक के धंधे से जुड़े हैं। पूरा गांव इस मामले में बदनाम है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश के छह से अधिक जिलों में स्मैक सप्लाई का ठेका लिए थे। स्मैक की खेप इलाहाबाद के रहने वाले विकास को दी जाती जो छोटे सप्लायरों तक पहुंचा देता था। यह गिरोह इलाहाबाद, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, भदोही, रीवा आदि जिलों में सप्लाई करता है।