इनमें से एक कोलकाता और एक केरल का रहने वाला है। हड़कंप तब मचा जब पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह 9 लोग दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तब्लीगी जमात में शामिल होने के बाद यहां पहुंचे थे। इसके बावजूद इन्होंने अपने आने की सूचना पुलिस को नहीं दी।
मामले की जानकारी दी गई तो डीएम भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज समेत पुलिस प्रशासन के तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद 9 लोगों के अलावा मुसाफिरखाने में रह रहे 28 अन्य लोगों को क्वारंटीन किया गया।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में मुसाफिरखाने के व्यवस्थापक वसीम के साथ ही बाहर से आने के बाद छिपकर रह रहे 9 लोगों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।