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शिक्षक भर्ती घोटाला: एसटीएफ ने कब्जे में लिए दस्तावेज, रडार पर कई लोग

Fri, 12 Jun 2020 12:08 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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एसटीएफ - फोटो : सोशल मीडिया
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69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस परीक्षा के आयोजन से लेकर रिजल्ट जारी होने तक में शामिल रहे लोग जांच एजेंसी के रडार पर हैं। इसके अलावा उन सॉल्वर गैंग व शिक्षा माफिया पर भी नजर रखी जा रही है, जिन्होंने पूर्व में इस परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश की थी। 

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इस भर्ती परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने कुछ बड़े गैंगों पर कार्रवाई की थी। लखनऊ में नेशनल इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल व यूपी पुलिस के एक सिपाही समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों से भी दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार करते हुए दावा किया गया था कि सेंधमारी को नाकाम कर दिया गया है। लेकिन यह सेंधमारी पूरी तरह नाकाम रही इस पर अब संदेह गहरा गया है। 

सोरांव थाने पहुंची टीम, कब्जे में लिए दस्तावेज
एसटीएफ की प्रयागराज इकाई गुरुवार को सोरांव थाने पहुंची और मामले से संबंधित दस्तावेज कब्जे में ले लिए। इनमें एफआईआर की कॉपी, आरोपियों से बरामद लैपटॉप, मोबाइल व डायरी के साथ अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की छायाप्रतियां, एडमिट व आधार कार्ड आदि शामिल हैं। 
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इसके बाद टीम एसटीएफ दफ्तर में दिन भर दस्तावेज खंगालती रही। सोरांव पुलिस ने ही चार जून को इस भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के कुल 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया था।   

रडार पर लिस्ट में शामिल 16 अभ्यर्थी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ अफसर भले ही कुछ बताने को तैयार नहीं हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 16 अभ्यर्थी जांच टीम के रडार पर हैं। यह वह अभ्यर्थी हैं, जिनके नाम गिरोह के सदस्यों से बरामद डायरी में मिले है। 

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बता दें कि इस लिस्ट में कुल 20 अभ्यर्थियों के नाम हैं, जिनमें से 18 परीक्षा में उत्तीर्ण हैं। इनमें से दो धर्मेंद्र पटेल व विनोद कुमार गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं, जिनके प्राप्तांक क्रमश: 142 व 143 हैं। लिस्ट में कुल 10 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके प्राप्तांक 140 से ज्यादा हैं। 

दो अभ्यर्थियों ने 130 से ज्यादा जबकि शेष छह अभ्यर्थियों ने 120 या इससे ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं। इनमें चार अभ्यर्थी एक जबकि तीन अभ्यर्थी एक ही परिवार से हैं। इन 16 अभ्यर्थियों के बारे में एसटीएफ टीम जानकारी एकत्र करने में जुट गई है। 

सरगना केएल पटेल समेत कुल 11 भेजे जा चुके हैं जेल
गौरतलब है कि चार जून को सोरांव थाने में राहुल सिंह की तहरीर पर दर्ज मामले की जांच के बाद पुलिस अब तक सरगना जिला पंचायत सदस्य केएल पटेल समेत 11 लोगों को जेल भेजे चुकी है। मामले में कुल आठ लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जबकि तीन आरोपियों के नाम विवेचना के दौरान प्रकाश में आए। 

नामजद आरोपियों में भदोही का मायापति दुबे व मिर्जापुर का धर्मेंद्र उर्फ आलोक का पता अब तक नहीं चल सका है। जबकि नामजद केएल पटेल, उसका रिश्तेदार कमल पटेल, रंजीत, हरिकृष्ण व उसका बेटा शशिकृष्ण निवासी होलागढ़ जेल भेजे गए आरोपियों में शामिल हैं। 

किसकी क्या थी भूमिका-
केएल पटेल, जिला पंचायत सदस्य व डॉक्टर- सरगना
मायापति दुबे व रुद्रपति दुबे- कैंडिडेट खोजना
रंजीत, हरिकृष्ण व शशिकृष्ण, धर्मेंद्र- कोचिंगों के संपर्क में रहकर सॉल्वर ढूंढ़ना
कमल पटेल- संपर्क में आने के बाद अभ्यर्थियों से वसूली, दस्तावेज आदि एकत्र करना
धर्मेंद्र पटेल व विनोद- अभ्यर्थी
संतोष बिंद- लेखपाल, अभ्यर्थियों को सरगना तक पहुंचाना
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