इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपराध में फंसे पुलिस अधिकारियों को कोर्ट से जारी समन, जमानती व गैर जमानती वारंट का तामीला समय से न होने पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने नित्यानंद राय, एसपी लीगल सेल डीजीपी मुख्यालय उत्तर प्रदेश लखनऊ व कुलदीप सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन उत्तर प्रदेश मुख्यालय लखनऊ को 30 अप्रैल को भी हाजिर रहने का निर्देश दिया है।
मंगलवार को दोनों अधिकारियों ने कोर्ट में हाजिर हो हलफनामा दाखिल कर बताया कि कुल 90 में से 46 पुलिस अधिकारी ही कोर्ट कार्यवाही की अनदेखी कर रहे हैं। हलफनामे पर कोर्ट द्वारा सवाल उठाने पर उन्होंने और बेहतर हलफनामा दाखिल करने के लिए समय की मांग की। जिसपर कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट कार्यवाही की अनदेखी करने वाले पुलिस अधिकारियों सहित आईपीएस अधिकारियों का अद्यतन डाटा हलफनामे के जरिये दो माह में दाखिल किया जाए। याचिका की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने रूपेश कुमार सिंह की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
इससे पहले कोर्ट ने कहा था कि समझ से परे है कि जिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक केस कोर्ट में चल रहे हैं। वे ड्यूटी कर रहे, उनकी ट्रांसफर पोस्टिंग हो रही ,वेतन उठा रहे, फिर भी पुलिस उन्हें कोर्ट के समन, वारंट समय से तामील नहीं कर पा रही। कोर्ट ने कहा कि आम लोगों व पुलिस के खिलाफ कानून समान है। कोर्ट ने उन पुलिस अधिकारियों की सूची मांगी थी जो कोर्ट कार्यवाही की अनदेखी कर मुकदमे को तय करने में अड़ंगा डाल रहे हैं। इसी क्रम में दोनों अधिकारियों को कोर्ट ने तलब किया था।