पिछले तीन सालों में 1669 की मौत
यातायात निदेशालय के आंकड़े के मुताबिक पिछले तीन सालों में कुल 1669 लोगों की सड़क दुर्घटना में जानें जा चुकी हैं। खास बात यह है कि सबसे ज्यादा (127) दुर्घटनाएं जून में हुई हैं, जबकि मौत का सबसे बड़ा झपट्टा मार्च में पड़ा। मार्च में कुल 61 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 73 लोग घायल हुए। इतना सबकुछ होने के बावजूद यातायात पुलिस, आरटीओ और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी हादसे रोकने के नाम पर सिर्फ साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर ही लगा पाए हैं।
सड़क दुर्घटनाओं को घटाने के लिए ब्लैक स्पॉट पर बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। यातायात नियमों का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि हादसों पर लगाम लगाई जा सके। - अमित कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने ब्लैक स्पॉट की सूची भेजी है। इसे गंभीरता के साथ दिखवा रहे हैं। जहां पर हादसों की वजह खराब सड़क बताई गई है, उन्हें ठीक कराया जा रहा है। जल्द ही स्थिति ठीक हो जाएगी। - विजय कनौजिया, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी
ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं का आंकड़ा
वर्ष दुर्घटनाएं मौत घायल
2023 (अक्तूबर तक) 1058 461 706
2022 1370 603 886
2021 1165 535 751
2020 1178 531 759