दस जून से बनाया था ठिकाना
जांच में पता चला कि आरोपी अभिषेक दस जून से करनाल के मान काॅलोनी में रह रहा था। उसने बताया कि फरार होने के बाद उसका निहारिका से कोई संपर्क नहीं हो सका है। उसे नहीं पता कि उसकी पत्नी इस वक्त कहां है। अभिषेक ने बताया कि उनकी पत्नी का इस केस से कोई लेनादेना नहीं है। बहरहाल, पुलिस मामले में सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। वहीं, एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय ने बताया कि अभिषेक और उसको पनाह देने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। निहारिका की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश दी जा रही है।
एक अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई
हाल ही हाईकोर्ट ने मामला का संज्ञान लिया था। कोर्ट ने कहा था कि आखिरकार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी है। जिसके बाद पुलिस कार्रवाई तेज करते हुए अभिषेक और निहारिका के खिलाफ गैर जमानती वारंट निकाला था। एक अगस्त को इस मामले में हाईकोर्ट में तारीख लगी है।