बैंक ऑफ इंडिया की सुलेमसराय शाखा से 4.25 करोड़ रुपये गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन जुलाई को मामले की जानकारी बैंक मैनेजर को आंतरिक लेखा परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद हुई। मामले में करेंसी चेस्ट अधिकारी समेत तीन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
मूल रूप से रायबरेली के रहने वाले विवेक कुमार गुप्ता बैंक ऑफ इंडिया सुलेमसराय शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक हैं। उनकी ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि तीन जुलाई को करेंसी चेस्ट के आंतरिक लेखा परीक्षण के दौरान 4.25 करोड़ की अनियमितता पाई गई। आंतरिक लेखा परीक्षक की रिपोर्ट पर तत्कालीन करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह रकम ग्रामीण बैंक को दी गई है, जिसके एवज में कोई ट्रांसफर भुगतान नहीं प्राप्त हुआ है। हालांकि ग्रामीण बैंक का नाम वह नहीं बता पाया।
आरोप है कि शक होने पर पूछताछ जारी रखी गई, जिसके बाद उसने बताया कि उक्त रकम उसने एक व्यवसायी को दी है, जिससे वह गैरकानूनी तरीके से ब्याज प्राप्त करता था। यह भी बताया कि व्यक्तिगत लाभ के लिए उसने यह रकम एसके मिश्रा और उसके पुत्र संजू मिश्रा को दी है।
वरिष्ठ शाखा प्रबंधक का आरोप है कि आरोपी करेंसी चेस्ट अधिकारी ने अन्य दोनों आरोपियों संग मिलकर साजिश करते हुए लोकधन का गबन किया है। पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम, एसके मिश्र व संजू मिश्र पर धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।