बच्चों को ले जा रहे मोहम्मद आदिल निवासी कुमरहा,सहरसा,बिहार, अब्दुल कादिर निवासी मुडेरा, प्रयागराज, मुहम्मद जुवैद निवासी कुमरहा सहरसा, बिहार, मुहम्मद सुफैल निवासी कुमरहा, बिहार से पूछताछ की तो पता चला 30 बच्चे बिहार से डीसीएम से जो दरभंगा एवं सहरसा के आसपास के हैं।
सरायइनायत के अंदावा में बिहार से पढ़ने के लिए धूमनगंज स्थित मदरसे में ले जाए जा रहे 30 बच्चों की तस्करी की अफवाह से पुलिस घंटों हलकान रही। जांच पड़ताल में सामने आया कि सभी बच्चे अपने माता पिता की सहमति से पढ़ने के लिए लाए गए थे। इसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया।
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अंदावा स्थित टोयटा एजेंसी के पास बुधवार दोपहर एक बाग में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे आराम कर रहे थे। बगल में डीसीएम खड़ी थी। ग्रामीणों ने देखा तो 112 नंबर पर डायल कर बच्चों की तस्करी का आरोप लगाकर सूचना पुलिस को दे दी तो खलबली मच गई। आनन फानन में सूचना मिलते ही एसीपी थरवई चंद्रपाल सिंह एवं प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार राय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
बच्चों को ले जा रहे मोहम्मद आदिल निवासी कुमरहा,सहरसा,बिहार, अब्दुल कादिर निवासी मुडेरा, प्रयागराज, मुहम्मद जुवैद निवासी कुमरहा सहरसा, बिहार, मुहम्मद सुफैल निवासी कुमरहा, बिहार से पूछताछ की तो पता चला 30 बच्चे बिहार से डीसीएम से जो दरभंगा एवं सहरसा के आसपास के हैं। धूमनगंज थाना क्षेत्र में स्थित मदरसा अंजुमन दारु असफूल चर मीरापट्टी में तालीम के लिए जा रहे हैं। पुलिस ने बच्चों द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर पर उनके अभिभावकों से बात की तो पता चला सभी बच्चे उनकी सहमति से यहां तालीम लेने आए हैं।
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12 बच्चे पूर्व में यहां पढ़ भी चुके हैं। पुलिस ने सभी बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष से बात कर उन्हे वहां भेज दिया। एसीपी सत्यपाल सिंह ने बताया की मानव तस्करी की सूचना गलत है। बच्चों एवं उनके परिजनों से बातचीत की गई है। सभी बच्चे अभिभावकों की सहमति से जा रहे हैं। बच्चे डीसीएम से ले जाए जा रहे थे जो गलत है इस लिए उसे सीज कर दिया गया है।