ब्लॉक क्षेत्र बनवारी खास गांव में अखंड रामायण के समापन पर आयोजित प्रीतिभोज के बाद एक ही परिवार और उसके रिश्तेदारों के 26 लोग अचानक बीमार पड़ गए। उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत होने पर सभी को अलग-अलग सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति खतरे से बाहर है।
बनवारी खास निवासी रामतीर्थ दुबे के यहां दो फरवरी को अखंड रामायण पाठ शुरू हुआ था, जिसका समापन अगले दिन मंगलवार को हुआ। समापन के बाद शाम को प्रीतिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें परिवार और नात-रिश्तेदारों समेत करीब 26 लोग शामिल हुए थे। भोजन के कुछ समय बाद ही कई लोगों को उल्टी-दस्त और तेज बुखार की शिकायत होने लगी।
बताया गया कि कार्यक्रम में शामिल सात रिश्तेदार रात में ही अपने घर खुरमा, बोदा, रामपुर और मिर्जापुर लौट गए थे। घर पहुंचते ही उनकी हालत बिगड़ने लगी और उन्हें तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा।
इधर गांव में भी कई लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इंद्रावती देवी (75), निर्मला देवी (55), खुशी दुबे (17), प्रीती (36) और अंतिमा (20) को पहले लालगंज सीएचसी ले जाया गया, लेकिन हालत में विशेष सुधार न होने पर बृहस्पतिवार दोपहर उन्हें मांडा सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. रियाजुद्दीन व फार्मासिस्ट महेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
दूसरी ओर लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी 14 लोगों का उपचार चल रहा है। इनमें रामतीर्थ दुबे (85), माधव प्रसाद (58), शिवपूजन (32), संजय प्रसाद दुबे (50), विपिन दुबे (26), अंकित दुबे (31), प्रभुदत्त दुबे (35), सरोज दुबे (40), रोशन (25), प्राची दुबे (14), गौरव (12), तारावती (85) और चार वर्षीय रिद्धि समेत अन्य शामिल हैं।
मांडा सीएचसी के डॉक्टर रियाजुद्दीन ने बताया कि सभी मरीजों को ड्रिप और जरूरी दवाएं दी जा रही हैं तथा उनकी हालत स्थिर है। वहीं क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि प्रीतिभोज में परोसे गए किसी खाद्य पदार्थ के कारण इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए, जिसकी जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।