महाकुंभ में पांटून पूल बनाने के लिए मंगाए गए साल स्लीपर क्रैक पाए गए।
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पासिंग में अब तक 15 स्लीपर ही पास हो सके हैं
साथ ही मैन पावर बढ़ाकर समय रहते साल स्लीपर की आपूर्ति पूरा कराने के उपायों पर मंथन किया। मुख्य अभियंता ने बताया कि 27 जगहों पर भंडारण देखा गया है। उन्होंने समय पर काम पूरा होने का दावा किया। वहीं, रायपुर में परीक्षण टीम के सदस्यों ने नई मानक शीट के आधार पर सौ स्लीपर पास किए। पिछले 20 दिनों से जारी पासिंग में अब तक 1500 स्लीपर पास हुए हैं।
इस गति को बेहद सुस्त और चिंताजनक माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि पासिंग कमेटी के सदस्यों के तय मानक और शर्तों का पालन करने पर अड़े होने की वजह से मिल संचालक उन्हें या तो स्लीपर दिखा नहीं रहे हैं या फिर दिखाने पर रिजेक्ट हो जा रहे हैं। ऐसे में एसई और एक्सईएन ने तय किए गए नए मानकों के आधार पर अब पासिंग करने के लिए कहा है, ताकि स्थिति संभाली जा सके।
इस बार जिन फर्मों को साल स्लीपर की आपूर्ति का ठेका दिया गया है, उनमें धोरमनाथ ट्रेडर्स, अनमोल टिंबर, नथानी टिंबर, धोरमनाथ ट्रेडिंग कंपनी और केएन पटेल कंपनी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि परीक्षण टीम के मानक पर उपयुक्त न पाए जाने की वजह से इन कंपनियों को मिले कुल वर्क आर्डर का अब तक 2.03 प्रतिशत साल स्लीपर ही पास हो सका है।