prayagraj news : लगातार हो रही बारिश और गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण फाफमऊ घाट पर दफन शव बाहर आ रहे हैं।
- फोटो : prayagraj
मंगलवार की रात जलस्तर बढ़ने से धारा तेज हुई तो कटान का क्षेत्रफल भी बढ़ने लगा है। ऐसे में रेती में हर कदम पर दफन शव एक-एक कर निकल रहे हैं। बुधवार की सुबह छह बजे से ही रेत से शवों के दिखने का सिलसिला आरंभ हो गया। दोपहर बाद तक इस घाट पर रेत कटती गई और उसमें से शव बाहर आते गए। एक महिला का शव कटान केसाथ ही गंगा में गिरकर बहने लगा। प्रवाह तेज होने के बावजूद निगम कर्मियों और मजदूरों की तत्परता से शव गंगा मं बहने से रोक लिया गया और उसे छानकर बाहर निकाल लिया गया।
prayagraj news : लगातार हो रही बारिश और गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण फाफमऊ घाट पर दफन शव बाहर आ रहे हैं।
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शाम तक मजदूरों की मदद से रेती से कुल 23 शव निकाले गए। रेत से निकलने वाले शवों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। नगर निगम के जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह खुद सुबह से ही घाट पर डटे रहे। उन्होंने शवों को निकलवाया भी और फिर लकड़ी, रामनामी और अन्य सामान मंगाकर चिताएं सजाई गईं। फिर इन शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दिन फिर कर्मकांड, श्राद्ध के साथ शवों का अंतिम संस्कार कराया गया, ताकि उन भटकती आत्माओं को शांति मिल सके। हालांकि इन शवों में कई ऐसे थे, जिनके शरीर का काफी हिस्सा गल चुका था। इन शवों से दुर्गंध उठ रही थी। ऐसे शवों से संक्रमण फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
prayagraj news : गंगा में मिले शव का अंतिम संस्कार करते नगर निगम के कर्मचारी।
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