28 मार्च से शुरू इस सेवा के माध्यम से शहरियों को यहां से यह भी बताया गया कि नगर निगम की ओर से कराए जा रहे सैनिटाइजेशन और फॉगिंग का शेड्यूल क्या है। किन इलाकों में टीम पहुंची और अगले दिन का क्या कार्यक्रम है। साथ ही लोगों को जरूरत के मुताबिक एंबुलेंस, दवा और डॉक्टरों से परामर्श दिलाने की व्यवस्था कराई गई।
साथ ही बाहर से आए लोगों को पुलिस की मदद मुहैया कराकर गंतव्य या शेल्टर होम तक पहुंचाया गया। साथ ही लोगों को वह गांव के हों या शहरी, सभी को सफाई, पेयजल, डॉक्टर, दवा, भोजन आदि की उपलब्धता कराई गई।
19 अप्रैल तक 1920 पर 23 दिनों में 19 अप्रैल तक 22142 लोगों ने कॉल कर मदद मांगी। दो से दस अप्रैल तक कोविड-19 की जानकारी से पहले भोजन की व्यवस्था संबंधी फोन आए। लोगों को कम्युनिटी किचेन के साथ सरकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के नंबर उपलब्ध कराकर भोजन की व्यवस्था कराई गई। ऐसे लोगों की संख्या 12 हजार से अधिक है। नि:शुल्क राशन पाने वाले इसमें शामिल नहीं है।
स्मार्ट सिटी की टोल फ्री हेल्प लाइन नंबर 1920 पर कॉल के आधार पर लोगों तक मदद पहुंचाने का काम किया गया है। सफाई, पेयजल, दवा, भोजन ही नहीं लोगों को एंबुलेंस आदि की सेवाएं देकर फीडबैक लिया गया। डॉक्टरों से परामर्श दिलाने और कोविड-19 से बचाव की जानकारी के लिए बहुतायत में लोगों ने संपर्क किया। स्मार्ट सिटी के माध्यम से हम लोगों की मदद का सिलसिला जारी रखेंगे। - रवि रंजन, नगर आयुक्त/सीईओ स्मार्ट सिटी प्रयागराज