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21 दिन बाद रबर फैक्टरी में लगे कैमरे में दिखी बाघिन

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Tiger Reserve - फोटो : demo photo
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काफी समय से बाघिन का पता न लगने की वजह से परेशान थे वन विभाग के अफसर
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लगातार सटीक लोकेशन मिलने पर वन विभाग बेहोश कर पकड़ने की बनाएगा योजना

फतेहगंज पश्चिमी। पिछले कई महीनों से रबर फैक्टरी में चहलकदमी कर रही बाघिन की फुटेज 21 दिन बाद फिर कैमरों में कैद हुईं है। कैमरे में बाघिन दिखने से वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली है। लगातार सटीक लोकेशन मिलने पर डीएफओ भरतलाल ने बाघिन को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाने की बात कही है।
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रबर फैक्टरी के जंगल में पिछले आठ महीने से भी अधिक समय से घूम रही बाघिन वन विभाग टीम के साथ लुका छुपी का खेल खेल रही है। पिछले आठ महीनों में वह 15 से 20 दिन तक गायब रहने के बाद दिखती रही है। इस बार भी उसकी लोकेशन चार नवंबर से ट्रेस नहीं हो पा रही थी। जिससे वन विभाग के अफसर भी परेशान थे। टीम से मिली जानकारी के मुताबिक, 25 नवंबर को सुबह करीब छह बजे कोयला प्लांट और मंदिर के बीच मौजूद चूने वाली कोठी के पास लगे कैमरे में बाघिन की फुटेज कैद हुईं है। 21 दिन के बाद बाघिन एक बार फिर दिखने से वन विभाग की टीम में उत्साह है। पिछले कई महीने से वन विभाग की टीम और विशेषज्ञ बाघिन को ट्रेंक्युलाइज करने की योजना बना रहे है मगर बाघिन के सामने वन विभाग की सभी योजनाएं फेल होती नजर आई हैं। 45 से अधिक कैमरे और पांच पिजड़े बाघिन को पकड़ने के लिए लगाए गए है। बाघिन को फांसने के लिए खुले में बकरे भी बांधे गए हैं। डीएफओ भरत लाल के मुताबिक 21 दिन के बाद बाघिन एक बार फिर सामने आई है। लगातार सटीक लोकेशन मिलती रही तो बाघिन को इस बार बेहोश कर पकड़ लिया जाएगा।
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