न्यूनतम अर्हता अंक के बिना शिक्षक भर्ती परीक्षा को चुनौती
प्रयागराज। शिक्षक भर्ती परीक्षा 2019 में न्यूनतम अर्हता अंक घोषित किए बिना परीक्षा कराने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने इस मामले में बेसिक शिक्षा परिषद और प्रदेश सरकार से तीन दिन में जवाब मांगा है। अनूप सिंह और 23 अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा का कहना था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा 2019 का आयोजन छह जनवरी को किया गया है। मगर परीक्षा से पूर्व न्यूनतम अर्हता अंक घोषित नहीं किया गया है जबकि इससे पूर्व आयोजित परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक पहले ही घोषित कर दिया गया था। इस संबंध में एक दिसंबर 2018 को जारी सकुर्लर को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई आठ जनवरी को होगी।