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बार कौंसिल चुनाव में प्रचार सामग्री के उपयोग पर रोक

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बार काउंसिल चुनाव में प्रचार सामग्री के उपयोग पर रोक
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हाईकोर्ट ने कहा कड़ाई से हो आदेश का पालन
इलाहाबाद। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के 15 मार्च से शुरू हो रहे चुनाव में किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री का उपयोग करने पर रोक लगा दी गई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि उसके 31 जनवरी 2005 के आदेश का पालन किया जाए। ग्रेटर आगरा बार एसोसिएशन की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ ने यह आदेश दिया।
याचिका पर अधिवक्ता महेश शर्मा और शशांक शेखर मिश्र ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं का कहना था बार काउंसिल का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी प्रचार के लिए जमकर पोस्टर, बैनर, पम्फलेट आदि सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि 31 जनवरी 2005 को हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि चुनाव में अधिवक्ता किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री या प्रचार माध्यम टेलीविजन, रेडियो, लाउडस्पीकर, जनसभा आदि का उपयोग नहीं करेंगे। कोर्ट ने बार काउंसिल को इस संबंध में नियमावली बनाने का भी निर्देश दिया था।
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इस आदेश के क्रम में बार काउंसिल ने नामांकन करने वाले सभी प्रत्याशियों से हलफनामा लिया है कि वह हाईकोर्ट के 31 जनवरी 2005 के आदेश का पालन करेंगे। इसके बावजूद अधिवक्ता जमकर प्रचार सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। हालत यह है कि आगरा सिविल कोर्ट की हेरिटेज बिल्डिंग को पोस्टरों और बैनरों से पाट दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि याची हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने हेतु चुनाव अधिकारी को अपना प्रत्यावेदन दे और चुनाव अधिकारी आदेश का पालन कराना सुनिश्चित करें।
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