डीपीआरओ एटा के खिलाफ जमानती वारंट जारी
0 हाईकोर्ट ने 28 नवंबर को हाजिर करने का आदेश दिया
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में एटा के जिला पंचायती राज अधिकारी धनंजय जायसवाल के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सीजेएम एटा को निर्देश दिया है कि 28 नवंबर को पंचायती राज अधिकारी को अदालत में हाजिर किया जाए।
अवकाश प्राप्त सहायक विकास अधिकारी नेमपाल सिंह की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दिया है। याचिका पर अधिवक्ता आशुतोष त्रिपाठी ने पक्ष रखा। याची सहायक विकास अधिकारी (पंचायत ) के पद से 1999 में रिटायर हुआ था। रिटायरमेंट के बाद उसके जीपीएफ का भुगतान नहीं किया गया तो उसने हाईकोर्ट मेें याचिका दाखिल की। कोर्ट ने छह प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान का आदेश दिया। इस आदेश के बावजूद जीपीएफ का भुगतान नहीं किया गया। इस याची ने अवमानना याचिका दाखिल की। कोर्ट ने डीपीआरओ को आदेश के पालन का दो बार अवसर दिया। 31 अक्तूबर को डीपीआरओ को व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया। मगर न तो वह खुद आए और न ही उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल किया गया। इस पर कोर्ट ने जमानती वारंट जारी करते हुए सीजेएम एटा को आदेश दिया है कि 28 नवंबर को डीपीआरओ को अदालत में पेश किया जाए।